नई दिल्ली, 15 मई 2023: पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि "खुशफहमी का गलतफहमी" बनना "सियासी सेहत के लिए हानिकारक है।"
आज नई दिल्ली में पत्रकारों द्वारा कांग्रेस पर पूछे गए सवाल के जवाब में श्री नकवी जोकि, 2014 और 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा के चुनाव प्रबन्धन के प्रभारी थे, ने कहा कि यही गलतफहमी 2018 में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक आदि के चुनाव में विपक्ष के बेहतर प्रदर्शन के बाद कुछ "सियासी सूरमाओं" को भी हो गई थी।
श्री नकवी ने कहा कि उस समय भी कुछ लोग मोदी जी की "उल्टी गिनती का गणित" लगाने में लगे रहे और लोग भाजपा की "सीधी गिनती के गुणे" में डटे रहे, नतीजतन 282 से बढाकर 2019 में 303 लोकसभा सीटें मोदी जी की झोली में जनता ने डाल दी।
श्री नकवी ने कहा कि मोदी जी ने 2014 में भाजपा को 116 से 282 और कांग्रेस को 282 से 44 पर ला खड़ा किया, यह उनके "कर्त्तव्य पथ से लोक कल्याण मार्ग" के संकल्प का नतीजा है।
श्री नकवी ने कहा कि मोदी जी ने राज्यों में एक के बाद एक विजय पताका फहराई है, भारत की धाक-धमक को मजबूत किया है, गरीबों-कमजोर तबकों के विकास को विश्वास में बदला है। वोटों की संकीर्ण ठेकेदारी को परास्त कर, विकास के समावेशी हिस्सेदारी को प्राथमिकता दी।
श्री नकवी ने कहा कि मोदी जी की सफलता उनके परिश्रम-परफॉरमेंस का परिणाम है। हर तीन महीने में "मोदी विरोधी गठबंधन की गठरी" लेकर कुछ लोग निकल पड़ते हैं, लेकिन "मोदी जी के काम की गिनती" से "गठबंधन का गणित गड़बड़ा जाता है।" उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि "हमारी तो यही दुआ है कि मोहब्बत की दुकान, नफ़रत के सामान से बची रहे।"